लाखों का कर्ज देने वाला बचपन का दोस्त उसकी बहन पर ही बुरी नीयत रखता था। कर्ज नहीं चुकाने पर वह दोस्त पर बहन को कुछ घंटे के लिए अकेले में अपने पास भेजने के लिए दबाव बनाने लगा था। इससे परेशान होकर युवक ने उसे जमकर शराब पिलाई और फिर गंगनहर के तेज बहाव में ले जाकर सेल्फी लेने के बहाने डूबो कर मारने की कोशिश की। वहां लोगों ने उसे डूबने से बचा लिया तो आरोपी उसे अस्पताल ले जाने के बहाने कार में ले गया और रास्ते में सिर और प्राइवेट पार्ट पर हमला कर हत्या कर दी। देर रात मसूरी के पास गंगनहर में ही शव को फेंक दिया।

इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। डीएसपी राजीव कुमार ने बताया आरोपी सौरभ सिहं नोएडा सेक्टर-48 बरौला का रहने वाला है। शुक्रवार सुबह पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से बरामद कार की फॉरेंसिक जांच से मिले खून से भी हत्या की पुष्टि हुई है। सौरभ ने बचपन के दोस्त व 8-10 लाख रुपए का कर्ज देने वाले नागेंद्र उर्फ पिटूं की साजिश के तहत हत्या की थी। घटना वाले दिन कॉमन दोस्त भानू भी उनके साथ था। नशे में वह भी गंगनहर में डूब गया था, जिसे लोगों ने निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसकी मौत हो गई थी। उसकी मौत के मामले में भी सौरभ पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जा रहा है।

 

ये था मामला

23 जून को तीनों दोस्त सौरभ, मिंटू व भानू मुराद नगर के गंगनहर में नहाने गए थे। अगले दिन मिंटू और भानू दोनों की मौत की जानकारी मिली थी। इस मामले में शुरुआत में पुलिस ने दावा किया था कि नशे में दोनों गंगनहर में नहाते समय डूब गए थे, जिससे दोनों की मौत हो गई थी। इसके बाद भी दोनों मृतकों के परिवार वालों ने हत्या की आशंका जताते हुए नोएडा सेक्टर49 थाने में शिकायत की थी।

 

तत्कालीन एसएचओ ने शराब पीकर डूबने की बात कह परिजनों को भगा दिया था

घटना के दो दिन बाद ही मिंटू और भानू के परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए सेक्टर-49 के तत्कालीन एसएचओ अवनीश गौतम से शिकायत की थी। एसएचओ ने उन्हें यह कहकर भगा दिया था कि दोनों ने जमकर शराब पी थी और गंगनहर में डूबकर दोनों की मौत हो गई। इसलिए इसमें कोई कार्रवाई नहीं होगी। इसके बाद परिजनों ने मामले में एसएसपी डॉ. अजयपाल से शिकायत की और जांच को सेक्टर-24 कोतवाली के एसएचओ से कराने की मांग की

 

इन तीन त थ्यों से मिले मर्डर के संकेत

 

1- पीएम रिपोर्ट में सिर व प्राइवेट पार्ट पर चोट के निशान

दूसरी टीम के प्रभारी इंस्पेक्टर पंकज पंत ने मिटूं और भानू की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की जांच की। इसमें पता चला कि भानू की पानी में डूबने से मौत हुई थी, मिटूं के सिर पर रॉड और प्राइवेट पार्ट हमला किया था। यहीं से शक हुआ कि घटना को साजिश के तहत अंजाम दिया गया है।

2- सीसीटीवी में सौरभ के सा थ दिखे थे दोनों दोस्त

पुलिस ने घटना वाले दिन नोएडा में लगे सीसीटीवी को देखा तो तीनों दोस्त कार से जाते दिखे थे। मुराद नगर गंगनहर और धौलाना गंगनहर के रास्ते में लगे 10 सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली गई। मुराद नगर गंगनहर से मिटूं को निकालने के बाद सौरभ कार में धौलाना की तरफ ले गया था, भानू को दूसरे लोग अस्पताल ले गए। दोनों के मोबाइल फोन की लोकशे न भी एक साथ मिली थी।

3- सफाई करने के बाद भी कार से मिले खून के छींटे

घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी दो दिन के लिए बुलंदशहर रिश्तेदार के यहां चला गया था। उसी दौरान उसने भानू की कार में मिटूं के लगे खून को पूरी तरह से धो दिया था। इसके बाद नोएडा आकर भानू के परिजनों को कार सौंप दी थी। पुलिस ने शक के आधार पर कार की फॉरेंसिक जांच कराई तो उसमें खून के छींटे मिल गए। इससे हत्या करने के बाद कार से शव को दूर ले जाने की भी पुष्टि हो गई।

ऐसे दिया था हत्या की साजिश को अंजाम

डीएसपी ने बताया कि 25 वर्षीय सौरभ बेरोजगार था और 32 वर्षीय दोस्त मिंटू के बिजनेस में हाथ बंटाता था। इसी दौरान उधार लेते हुए कई सालों में 8-10 लाख रुपए से ज्यादा का कर्ज उस पर हो गया था। भानू ठेकेदारी करता था। 23 जून को हुई वारदात से कुछ दिन पहले जब तीनों शराब पी रहे थे तभी मिंटू ने सौरभ से कहा कि वह उसका कर्ज माफ कर देगा अगर वह अपनी बहन को कुछ घंटे के लिए उसके पास अकेले छोड़ दे। उस समय कर्ज के चलते सौरभ जवाब नहीं दे पाया था, लेकिन बदला लेने की ठान ली थी। 23 जून को जब मुरादनगर के गंगनहर में जाने का प्लान बना तभी उसने रास्ते में दोनों दोस्तों को खूब शराब पिलाई और खुद कम पी। इसके बाद गंगनहर में नहाते समय कम गहरे पानी में खुद खड़े होकर सौरभ सेल्फी लेने लगा और दोनों को पीछे तेज बहाव में जाने के लिए कहा। नशे में होने से दोनों बहाव की चपेट में आकर डूबने लगे थे। गोताखोरों ने दोनों को बाहर निकाल दिया, तब सौरभ कार से मिंटू को साथ

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here