जैसा कि विदित है बीते 16 अगस्त को पूर्व प्रधानमंत्री और भारतीय राजनीति के अजातशत्रु कहे जाने वाले अटल बिहारी वाजपेयी का निधन हो गया। जिससे पूरा देश गमगीन हो गया था। प्रधानमंत्री मोदी ने अटल जी को पिता तुल्य बताया और उन्हें भी गहरा सदमा लगा। जब वाजपेयी जी की अंतिम यात्रा की तैयारी चल रही थी तब पीएम मोदी ने फैसला लिया कि वे अटल जी के अंतिम यात्रा में राष्ट्रीय स्मृति स्थल तक पैदल चलेंगे। इस फैसले से सुरक्षा ऐजेंसियों में अफरा तफरी मच गई और उनके सामने बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई। क्योंकि अटल जी की अंतिम यात्रा में लाखों की भीड़ सड़कों पर उतर आई थी। ऐसे में सुरक्षा मुहैय्या कराना एक बड़ा जिम्मेदारी भरा कार्य था। परंतु सुरक्षा ऐजेंसियों ने प्रधानमंत्री मोदी समेत अंतिम यात्रा के पूरे काफिले को बेहतर सुरक्षा प्रदान की।

आपको बता दें कि उस लाखों की भीड़ में 600  आईबी के जवान प्रधानमंत्री मोदी के सुरक्षा के लिए मौजूद थे। और जिस रोड़ पर अंतिम यात्रा चल रही थी, पूरे मार्ग पर 50 शार्प शूटर भी तैनात किए गए थे। इसके अलावा अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था के लिए दिल्ली पुलिस के जवान सामान्य कार्यकर्ता के रूप में मौजूद थे। जिन्होंने सादी वर्दी में प्रधानमंत्री के लिए अलग से सुरक्षा घेरा बनाया था। तो आइये जानते हैं अटल जी की अंतिम यात्रा में पीएम मोदी और अमित शाह के लिए कैसी सुरक्षा व्यवस्था तैनात थी।

सेना, अर्द्धसैनिक बलों से लेकर वायुसेना के जवान भी तैनात-  अटल जी की अंतिम यात्रा बीजेपी मुख्यालय से लेकर राष्ट्रीय स्मृति वनस्थल तक चली थी। इसमें पीएम मोदी और बीजेपी अध्यक्ष से लेकर अन्य कई नेता पैदल चले थे। यह फैसला पीएम मोदी का था। बीजेपी मुख्यालय में ये बात स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप यानि एसपीजी को बताई गई। यहीं पर तुरंत फैसला लिया गया। जिसमें सेना और अर्द्धसैनिक बलों के जवानों को तुरंत सुरक्षा घेरा बनाकर तैनात रहने को कहा गया । इसके अलावा दिल्ली पुलिस के जवानों को ये कहा गया कि वे सादी वर्दी में एक अतिरिक्त सुरक्षा घेरा बनाएंगे। खुफिया विभाग (आईबी) ने दिल्ली पुलिस के चुने हुए जवानों को लाखों की भारी भीड़ में कार्यकर्ता के रूप में तैनात किया। इसके अलावा एक मानव श्रृखंला बनाई गई जिसमें स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप के जवानों ने एक घेरा बनाकर नेताओं को अपने अंदर शामिल कर लिया। इसके बाहर सेना और अर्द्धसैनिक बलों के जवान और दिल्ली पुलिस के जवानों का एक घेरा बाहर बना हुआ था, जिसमें सिर्फ पीएम मोदी, अमित शाह और एसपीजी के जवान ही मौजूद थे।

इसके अलावा जहां अटल जी का अंतिम संस्कार होना था यानी राष्ट्रीय स्मृति वनस्थल में एसपीजी ने सेना, नेवी और वायुसेना के जवानों को भी सुरक्षा के लिए तैनात कर दिया था।

कुछ देर गाड़ी में भी रहे पीएम मोदी- बहादुर शाह जफर मार्ग पर 50 से अधिक शार्प सूटर पूरी भीड़ में नजर रखने के लिए तैनात किए गए थे। शहीदी चौक के पास एसपीजी के कहने पर कुछ देर के लिए पीएम मोदी गाड़ी के अंदर भी आए थे । लेकिन दरियागंज सिग्नल के पास वे पुनः पैदल चलने लगे।

जानिए कितने स्तरों पर थी सुरक्षा– पूरे रास्ते में करीब करीब 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरा लगाए गए थे। 600 खुफिया विभाग (आईबी) के जवान, 3000 से अधिक सुरक्षाकर्मी, 50 शार्प सूटर, कई उच्च स्तरीय अधिकारी, एसपी और डीसीपी रैंक के अफसर सुरक्षा के लिए मौजूद थे।

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