आज हम सभी के घर में गैस सिलेंडर तो होता ही है. गैस के उपयोग के चलते खाना बनाने का तरीका भी बिलकुल बदल गया है. अब पहले की तरह चूल्हे में लकड़ी को जलाने की कोई झंझट नहीं रहती है. बड़ी ही आसानी से गैस स्टोव पर खाना बन जाता है और अब हम इसके आदि भी हो चुके हैं. लेकिन हमें इसका इस्तेमाल करने के लिए सावधानी भी बरतना पड़ती है वरना यह जानलेवा भी साबित हो सकती है. आज हम आपको गैस सिलेंडर से जुड़ी कुछ बातें बताने जा रहे हैं.

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हममें से बहुत कम लोग यह जानते होंगे कि इन सिलेंडर की एक एक्सपायरी डेट भी होती है. अगर हम इस पर ध्यान ना दें तो हमें कई सारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. यह एक्सपायरी डेट गैस सिलेंडर पर लिखे एक विशेष कोड नम्बर है जो सिलेंडर के सबसे ऊपर रेगुलेटर के पास जो तीन पट्टी लगी होती है उनमें से किसी एक पर लिखा होता है.

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इस एक्सपायरी डेट के निकल जाने के बाद सिलेंडर में विस्फोट भी हो सकता है. आपने देखा होगा कि इन नम्बरों की शुरूआत में ए, बी, सी, डी से होती है. इन लेटर्स को गैस कंपनी वाले महीनो में बाट देते हैं. जैसे ए लेटर जनवरी से लेकर मार्च तक के लिए होता है, बी लेटर अप्रैल से जून तक के लिए होता है, सी लेटर जुलाई से सितम्बर के लिए होता है और डी लेटर अक्टूबर से लेकर दिसंबर तक के लिए होता है. इसी के साथ इन कोड में वर्ष भी लिखे रहते हैं.

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इन सिलेंडर पर बी 13 और सी 17 जैसे कोड लिखे होते हैं. यहां इन लेटर्स के साथ नंबर साल को दर्शाते हैं. जैसे बी 13 का मतलब यह है कि सिलेंडर साल 2013 के अप्रैल से जून के बीच में एक्सपायर होने वाली है.

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गैस कम्पनियां ये नम्बर अंकित कर अपनी जिम्मेदारी निभाती है. हमें भी एक सजग उपभोक्ता के रूप में इस पर गौर जरूर करना चाहिए. चूंकि अभी भी ज्यादातर लोगों को इसके बारे में नहीं पता है. इसलिए आप इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाए ताकि हर कोई इसके बारे में जान सकें.

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