केरल इस समय भयानक बाढ़ की त्रासदी से उबरने की कोशिश कर रहा है। इसमें केरल की पूरा देश मदद कर रहा है। देश के आम लोगों के साथ ही सुप्रीम कोर्ट में केरल बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आया है। आपको बता दें सुप्रीम कोर्ट परिसर में सोमवार को केरल बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए संगीत कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। आपको जानकर हैरानी होगी कि इतिहास में पहली बार सुप्रीम कोर्ट के जजों ने मंच पर गाना गाया।

उनकी हिंदी में है मलयालम टच:

इस कार्यक्रम में जजों का साथ देने के लिए बॉलीवुड पार्श्व गायक मोहित चौहान भी मौजूद थे। जस्टिस कुरियन जोसेफ़ ने मोहित चौहान के साथ, ‘हम होंगे कामयाब गीत को हिंदी और अंग्रेज़ी में गाकर संगीत कार्यक्रम का समापन किया। इससे पहले जस्टिस केएम जोसेफ़ ने पार्श्वगायक येसुदास का लोकप्रिय गाना ‘मधुबन ख़ुशबू देता है’ गाया। उनको इतना अच्छा गाता देखकर श्रोता चौंक गए। जोसेफ़ ने मज़ाक़ में कहा कि यह उनका हिंदीमें मलयालम टच है। जस्टिस जोसेफ़ ने पहला गाना मलयालम फ़िल्म अमरम का गाया। आपकी जानकारी के लिए बता दें यह गीत मछुआरों पर केंद्रित था।

अपने गानों से मोह लिया लोगों का मन:

जस्टिस केएम जोसेफ़ ने कहा कि बाढ़ आने पर सबसे पहले मछुआरे ही लोगों का बचाव करने के लिए आगे आए। इसीलिए यह गीत उन्हें समर्पित है। आपको बता दें यह पहला मौक़ा था जब सुप्रीम कोर्ट के जज मंच पर गीत गा रहे थे। संगीत कार्यक्रम के दौरान पार्श्व गायक मोहित चौहान ने अपनी मधुर आवाज़ से लोगों का मन मोह लिया। उन्होंने हिमाचली और फ़िल्मी गीत सुनाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता चीफ़ जस्टिस दीपक मिश्रा ने की। जस्टिस केएम जोसेफ़ ने कहा कि वो इस मंच पर हैं, इसका श्रेय जस्टिस कुरियन जोसेफ़ को जाता है।

भारतीय संविधान की सबसे बड़ी ख़ूबसूरती की सब एक साथ हैं:

उन्होंने आगे बताया कि जस्टिस कुरियन जोसेफ़ ने फ़ोन किया कि आपको गाना है। यह भारतीय संविधान की सबसे बड़ी ख़ूबसूरती है कि सब एक हैं। इस कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस मदन बाई लोकुर, जस्टिस दीपक गुप्ता, जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ के अलावा कई अन्य जज भी मौजूद थे। यह कार्यक्रम सुप्रीम कोर्ट के परिसर में सुप्रीम कोर्ट के सामने इंडियन सोसायटी ऑफ़ इंटरनेशनल ऑडिटोरियम में सम्पन्न हुआ। आपको बता दें केरल में आयी भयानक बाढ़ की वजह से लगभग 350 से ज़्यादा लोगों ने अपनी जान गँवाई है। केरल की बाढ़ से सार्वजनिक और निजी सम्पत्ति का भारी नुक़सान भी हुआ है।

कई लोगों के बने-बने आशियाने पूरी तरह से उजड़ गए। वहीं इस बाढ़ की वजह से करोड़पति लोग भी रोड पर आ गए हैं। इस बाढ़ ने लोगों को बुरी तरह झकझोर कर रख दिया है। जानकारी के अनुसार ऐसी बाढ़ एक सदी के बाद केरल में आयी है, जिसने सबकुछ तबाह करके रख दिया। बाढ़ के दौरान सेना और NDRF ने लोगों को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हालाँकि अब केरल में बाढ़ का क़हर धीरे-धीरे ख़त्म हो रहा है। लोग केरल बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए दिल खोलकर सामने आ रहे हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here