भीम कोरेगाँव हिंसा की जाँच कर रहे पुलिस कर्मियों ने एक पत्र बरामद किया है। इस पत्र से यह साबित होता है कि नक्सली पीएम मोदी को मारने की साज़िश रच रहे थे। इसी मामले की जाँचके दौरान पुलिस ने महाराष्ट्र सहित पाँच राज्यों में जमकर छापे मारे और कई लोगों को गिरफ़्तार भी किया है। जानकारी के अनुसार पुलिस ने महाराष्ट्र, गोवा, झारखंड, तेलंगाना, और दिल्ली में छापेमारी की कार्यवाई की है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने वामपंथी सुधा भारद्वाज को उनके फ़रीदाबाद स्थित घर से गिरफ़्तार किया है।

कोरेगाँव को 200वीं वर्षगाँठ के दौरान हुई थी हिंसा:

पुलिस ने वरवर राव को हैदराबाद से गिरफ़्तार किया। वामपंथी विचारक अरुण फरेरा और वर्णन गोंजालविस को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। वहीं भीम कोरेगाँव हिंसा मामले में पुलिस ने वामपंथी विचारक गौतम नवलखा को भी गिरफ़्तार किया है।

जानकारी के अनुसार इन मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के पास से पुलिस ने लैपटॉप, पेन ड्राइव और काग़ज़ात बरामद किए हैं। बीते जून महीने में कबीर कला मंच के सुधीर ढवले और नागपुर से एक वक़ील सुरेन्द्र गडलिंग को भी गिरफ़्तार किया गया था। आपकी जानकारी के लिए बता दें भीम कोरेंगव की 200वीं वर्षगाँठ के दौरान नए साल के दिन पुणे में दलित समूहों और दक्षिणपंथी समूहों के बीच संघर्ष हो गया था।

इस संघर्ष में एक व्यक्ति की मौत भी हो गयी थी। जानकारी के अनुसार 31 दिसम्बर 2017 को पुणे में एलगार परिषद का आयोजन किया गया था। इस परिषद के दूसरे दिन ही भीम कोरेगाँव में हिंसा हुई थी। इस हिंसा के लिए एलगार परिषद के आयोजन पर भी आरोप लगाया गया था। पभीम कोरेंगाव हिंसा मामले की जाँच करते समय पुणे पुलिस को एक आरोपी के घर से पत्र मिला था। जिसमें राजीव गांधी की हत्या जैसी प्लानिंग का ज़िक्र किया गया था। इस पत्र में नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने जैसी बातें भी कही गयी थी।

मोदी राज ख़त्म करने के लिए दिए गए कुछ सुझाव:

आपको बता दें पत्र में कहा गया था कि पीएम मोदी 15 राज्यों में भाजपा को स्थापित करने में सफल हुए हैं। अगर ऐसा ही रहा तो सभी मोर्चों पर पार्टी के लिए दिक़्क़त खड़ी हो जाएगी। कॉमरेड किसन और कुछ अन्य सीनियर कॉमरेड्स ने मोदी राज को ख़त्म करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। हम सभी राजीव गांधी जैसे हत्याकांड पर विचार कर रहे हैं। यह आत्मघाती जैसा मालूम होता है। इसकी भी ज़्यादा सम्भावना है कि हम असफल हो जाएँ, लेकिन हमें लगता है कि पार्टी हमारे प्रस्ताव पर विचार करे।

पीएम मोदी को रोड शो के दौरान निशाना बनाना एक असरदार रणनीति हो सकती है। हमें लगता है कि पार्टी का अस्तित्व किसी भी त्याग से ऊपर है। बाक़ी अगले पत्र में। आपको बता दें पुलिस को मिले पत्र में इतना ही लिखा हुआ था। इस पत्र से यह बात साफ़ हो जाती है कि कुछ लोग मिलकर पीएम मोदी को मारने की साज़िश रच रहे थे। वे अपने मंसूबों में कामयाब हो पाते, इससे पहले ही उनकी योजना के बारे में पुलिस को पता चल गया।

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