कोलकाता: कहते हैं कि प्यार कभी भी किसी से भी हो सकता है। किसी को देखते ही जब उससे दुबारा मिलने की बेचैनी होने लगे तो समझ जाइए कि आपको भी प्यार हो गया है। दुनिया में ऐसे दिवानों की कोई कमी नहीं है जो अपने आँखें चार होने के बाद लड़की की खोज में लग जाते हैं। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी घटना के बारे में बताने जा रहे हैं, जो दुनिया में शायद पहली बार हुई होगी। यक़ीनन आप भी इस लड़के की दीवानगी के बारे में जानकर हैरान हो जाएँगे।

दरअसल यह घटना पश्चिम बंगाल की है। वहाँ लोकल ट्रेन में एक लड़के ने एक लड़की को देखा और उसे लड़की से प्यार हो गया। लेकिन लड़के को यह नहीं पता था कि लड़की कौन है और वह कहाँ की है। एकतरफ़ा प्यार करने वाला यह लड़का अपने प्यार की तलाश में कुछ ऐसा कर गया, जिसकी किसी ने सपने में भी कल्पना नहीं की थी। जी हाँ इस लड़के ने हुगली जिले के जिले के कोन्ननगर और हावड़ा के बाली के बीच में लड़की की तलाश के लिए 4000 पोस्टर लगा दिए। इसके साथ ही लड़के ने सात मिनट की एक फ़िल्म बनाकर यूट्यूब पर भी अपलोड कर दी।

जानकारी के अनुसार कोलकाता के एक सरकारी कर्मचारी ने उस लड़की को खोजने के लिए यह अनोखा तरीक़ा अपनाया है। बेहला स्थित जोंक के रहने वाले राज्य पर्यावरण विभाग में काम करने वाले 29 वर्षीय विश्वजीत पोद्दर साल्टलेक में कार्यकरत हैं। जुलाई महीने में वह एक दिन लोकल ट्रेन में सवार हुए थे, उसी दौरान उन्होंने एक लड़की को देखा था। लड़की को देखते ही विश्वजीत को उससे प्यार हो गया। उस लड़की को खोजने के लिए विश्वजीत ने 4000 पोस्टर लगवा दिए। इन पोस्टरों में विश्वजीत ने मोबाइल नम्बर के साथ ही अपनी बनाई फ़िल्म का यूट्यूब लिंक भी दिया हुआ है।

विश्वजीत कहते हैं कि उनकी इसी दीवानगी की वजह से लोग उन्हें पागल कहने लगे हैं। मुझे पता है कि में जो कर रहा हूँ, वह बेहद अजीब है, लेकिन मैं कुछ और कर भी नहीं सकता हूँ। मैं उस लड़की को अपने दिमाग़ से निकाल नहीं पा रहा हूँ। विश्वजीत ने बताया कि 23 जुलाई को तारापीठ से कोन्ननगर आने के लिए वो एक लोकल ट्रेन में सवार हुए थे। उसी ट्रेन में एक लड़की अपने माता-पिता के साथ सवार हुई और उनके सामने वाली सीट पर आकर बैठ गयी। विश्वजीत ने कहा कि ना ही मैं उस लड़की को किसी परेशानी में डालना चाहता हूँ और ना ही उसे बदनाम करना चाहता हूँ।

विश्वजीत ने बताया कि, मैं यह सब इसलिए कर रहा हूँ ताकि लड़की को पता चले की मैं उसे खोज रहा हूँ। अगर वो चाहे तो मुझसे कांटैक्ट कर सकती है। विश्वजीत की फ़िल्म के बारे में एक्स्पर्ट का कहना है कि यह किसी क़ानून का उलंघन भी नहीं करती है। विश्वजीत ने बताया कि लड़की अपने माता-पिता के साथ बैठी थी। वह बात करना चाहती थी, लेकिन कर नहीं पाई। उसने अपना नम्बर भी बताने की कोशिश की थी, लेकिन मैं समझ नहीं पाया था। 6 मिनट की फ़िल्म में विश्वजीत ने उस लड़की का किरदार अपनी एक दोस्त को दिया है। फ़िल्म के अंत में विश्वजीत स्टेशन पर इंतज़ार करते हुए कहते हैं कि अगर वह फ़िल्म देखे तो उनसे कांटैक्ट करे। विश्वजीत ने इस फ़िल्म का नाम कोन्ननगर की दुल्हन रखा है।

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