इस दुनिया में कई ऐसी चीज़ें होती हैं, जिनके बारे में सुनकर दिमाग़ ही चकरा जाता है। आपने कई बातें सुनी होगी, जिसे सुनकर हैरानी ज़रूर होती है, लेकिन आज हम आपको एक ऐसी घटना के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में सुनकर आप शायद ही पहली बार में यक़ीन कर पाएँ। अगर हम आपसे कहें कि आप टॉयलेट का पानी बेचकर भी करोड़पति हो सकते हैं तो आप यही कहेंगे कि दिमाग़ ख़राब तो नहीं हो गया है। भला कोई टॉयलेट का पानी कोई क्यों ख़रीदेगा। इससे उसे क्या फ़ायदा होगा। लेकिन यह सच है एक व्यक्ति टॉयलेट के पानी से करोड़पति हुआ है।

चलायी जा रही हैं 50 एसी बसें:

आपकी जानकारी के लिए बता दें कहानी की तरह लगने वाली यह घटना कहीं और की नहीं बल्कि महाराष्ट्र के नागपुर की ही है। यहाँ की एक सरकारी एजेंसी ने टॉयलेट के पानी को 78 करोड़ रुपए में बेचा है। जी हाँ आप सही सुन रहे हैं 78 करोड़ रुपए में टॉयलेट का पानी बिका है। इससे भी हैरान करने वाली बात यह है कि अब उसी टॉयलेट के पानी से नागपुर शहर में 50 एसी बसें चलती हैं। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि नागपुर में वैकल्पिक ईंधन को लेकर कई प्रयोग किए जा रहे हैं।

गडकरी ने कहा कि इन्ही में से एक टॉयलेट के पानी से बायो सीएनजी नीयकलकर उससे बस चलाने की योजना है। अभी नागपुर में ऐसी 50 बसे चल रही हैं, जिनमें ईंधन के तौर पर टॉयलेट के पानी से निकाली गैस का इस्तेमाल किया जा रहा है। परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि पेट्रोलियम मंत्रालय के अधीन काम करने वाली तेल और गैस कम्पनियों के साथ एक क़रार किया गया है। इस क़रार के बाद गंगा किनारे बसे देश के 26 शहरों को लाभ मिलेगा।

मिलेगा 50 लाख युवाओं को रोज़गार:

नितिन गडकरी ने कहा कि टॉयलेट के पानी से निकलने वाली गंदगी से मीथेन गैस से बायो सीएनजी तैयार किया जाएगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें टॉयलेट के पानी में भारी मात्रा में मीथेन गैस पायी जाती है। मीथेन गैस एक ज्वलनशील गैस होती है। यह ज़्यादातर दलदली और गंदी जगहों पर पायी जाती है। ऐसी जगहों से हर समय मीथेन गैस निकलती रहती है। यहाँ तक की सीवर के पानी में भी मीथेन गैस मौजूद होती है। गडकरी ने आगे कहा कि टॉयलेट के पानी से निकलने वाली गैस से 26 शहरों में सिटी बसें चलेगी। इस काम के बाद देश के लगभग 50 लाख युवाओं को रोज़गार भी मिलेगा।

इसके साथ ही गंगा की सफ़ाई भी हो जाएगी। नितिन गडकरी ने बताया कि भारत देश में कोयले की कोई कमी नहीं है। भारत में कोयले का भंडार पर्याप्त मात्रा में मौजूद है। इससे मीथेन गैस निकालकर फ़िलहाल मुंबई, पुणे और गुवाहाटी में सिटी बसें चलाने की तैयारी चल रही है। उन्होंने एक हैरान करने वाली बात भी बताई। उनके अनुसार 62 रुपए लीटर मिलने वाला डीज़ल जो काम करता है, उतना ही काम मीथेन गैस 16 रुपए में कर सकती है। इस समय देश में वैकल्पिक फ़्यूल को लेकर तरह के प्रयोग किए जा रहे हैं।

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